कठिन समय देर तक नहीं चलता ..! - किताब सारांश, भाग-1

tough times never last but tough people do

समस्याओं के विषय में हमें क्या 6 बातें जानना ज़रूरी है


          इस ब्लॉग में रॉबर्ट एच शुलर (Robert H. Schuller) की बेस्ट सेलर किताब “Tough Times Never Last, But Tough People Do!के कुछ अंश प्रस्तुत कर रहा हूँ | किताब में शुलर का प्रेरणादायाक सन्देश है कि मज़बूत इरादों और सकारात्मक सोच में समस्याओं पर जीत हासिल करने की शक्ति है |

      आज के इस कोरोना ग्रसित समय में हम हर समय एक अदृश्य विपत्ति से जूझ रहें हैं | यह समय संशय और नकारात्मकता से भरा है | इस समय में “Tough Times Never Last, But Tough People Do!” किताब की सार्थकता और इसे पढने की आवश्यकता सामने आती है |

      रॉबर्ट शुलर मानते हैं कि नकारात्मकता आपके लिए घातक होती है | यह आपको, आपके विचारों और आपके आत्मविश्वास को दीमक की तरह चाट कर जाती है | समस्याओं से लड़ने के लिए सकारात्मक सोच, विश्वास, मानसिक शक्ति और आस्था ही आपका सर्वश्रेष्ठ हथियार हैं |

      रॉबर्ट शुलर के अनुसार समस्याओं से जीतने के लिए हमें समस्या के छः पहलुओं को समझना आवश्यक है |

1

हर जीवित व्यक्ति के पास समस्याएं होती हैं:

समस्याएं केवल मृत व्यक्ति के पास नहीं होती हैं | चूँकि आप जीवित हैं अतः समस्याओं का होना स्वाभाविक है | अमीर और गरीब दोनों की अपनी अपनी समस्याएं हैं | नौकरीपेशा और बेरोजगार दोनों के पास समस्याएं हैं | आपकी क्रिया, प्रतिक्रिया, निष्क्रीयता, और  विफतला सभी में समस्याएं छुपी हैं | यहाँ तक की सफलता भी समस्याओं को समाप्त नहीं करती बल्की नयी तरह की समस्याएं पैदा करती है | 

हमें समस्याओं के साथ जीने के लिए तैयार रहना चहिये |

2

हर समस्या की एक सीमित आयु होती है:

तूफ़ान थोड़े समय बाद थम जाता है | शीत काल भी शनैः शनैः बसंत में बदल जाता है | समस्या भी अल्पकालीन होती हैं | विशवास रखिये कि आपकी समस्या का भी अंत होगा |  

कठिन से कठिन समय में भी यह विश्वास बनाए रखें कि इस कठिनाई का अंत निकट है |

3

हर समस्या में सकारात्मक संभावनाएं छुपी होती हैं:

हर समस्या में अवसर छुपे होते हैं | बस हमें उन्हें खोजने की आवश्यकता है | यदि समस्या है तो वहां उसे समाप्त करने वाले की ज़रुरत भी होती है | बीमारी है तो डॅाक्टर की, कानूनी समस्या है तो वकील की ज़रुरत होती है | समस्या यदि संघर्ष देती है तो मदद करने वालों को अवसर भी देती है |

समस्या में निहित अवसरों के प्रति सजग रहें और उनका उपयोग करें ।

4

हर समस्या आपमें कुछ बदलाव लाती है:

हर एक समस्या आपमें कुछ परिवर्तन करके जाती है | हम समस्याओं से कुछ सीखते हैं | उनसे जूझने की ताकत पाते हैं | समस्याओं को समझने और उनके प्रति हमारी सही प्रतिक्रिया क्या होनी चहिये यह जानने का अवसर मिलता है | हम और मज़बूत होते हैं |

समस्या आपको बेहतर बनाए, यह निर्णय आपके हाथ में है |

5

यह आप चुन सकते हैं कि समस्या आप पर क्या प्रभाव डालेगी:

समस्याओं के प्रति आपकी मनोस्थिति और आपकी प्रतिक्रया यह सुनिश्चित करती है कि समस्या आप पर हावी होती है या आप समस्या पर हावी होते हैं |

कई समस्याएं एैसी भी हो सकती हैं जिनको हम समाप्त नहीं कर सकते, जिनका समाधान हमारे पास नहीं होता | उन्हें हम बदल नहीं सकते | पर हम अपनी प्रतिक्रिया को सकारात्मक रख सकते हैं | जीवन में कड़वाहट को छोड़ कर खुशियों की तरफ कदम आपको ही बढाना होगा |  

"जब हम समस्या को नियंत्रित नहीं कर सकते, तब भी आप अपनी प्रतिक्रिया को नियंत्रित कर सकते हैं।"

6

समस्याओं का सामना सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरीकों से किया जा सकता है:

सफल व्यक्ति समस्या के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हैं | नकारात्मक दृष्टिकोण अल्पकालिक समाधान तो अवश्य दे सकता है किन्तु लम्बी अवधि में यह और अधिक समस्या पैदा करता है |

सकारात्मकता उन स्थितियों तक सीमित नहीं है जिन्हें आप नियंत्रित कर सकते हैं । यदि आप समस्या समाप्त नहीं कर सकते तो कम से कम उसका प्रबंधन तो कर सकते हैं, उसे संभाल तो सकते हैं, उसकी तकलीफ को कम तो कर सकते हैं | हमारे नियंत्रण से परे की स्थिति में स्व-प्रबंधन महत्वपूर्ण होता है।

पैर अगर कट जाए तो विलाप करना या कृतिम पाँव लगाकर चलने के लिए तैयार हो जाना दोनों ही विकल्प हमारे सामने होते हैं | 

सकारात्मक प्रतिक्रिया आपको बेहतर विकल्प चुनने के लिए प्रोत्साहित करती है |


     कैसे जाने कि हमारी सोच सकारात्मक है

            सकारात्मक प्रतिक्रिया अधिकतर लोगों को लाभ पहुंचती है |

Positive thinking


positive behaviour


क्रमशः समस्या का सकारात्मक प्रबंधन किस प्रकार करें - भाग 2 

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