Eat That Frog! (By Brian Tracy) - पुस्तक सारांश


 Eat That Frog! / उस मेढक को खाओ! - पुस्तक सारांश:       

         Eat That Frog!यह किताब ब्राइन ट्रेसी (Brain Tracy) द्वारा लिखी गयी है | यह  किताब काम को टालने की आदत को कैसे छोड़ें और कैसे कम समय में अधिक करके अपने महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा कर सकें, इसके 21 तरीकों को बताती है | 

        ब्राइन ट्रेसी (Brain Tracy) के अनुसार अपने सबसे महत्वपूर्ण कार्य पर एकाग्रचित्त होकर कार्य करना, उसे अच्छी तरह से करना और उसे पूरा करना ही सफलता की कुंजी है | फिर भी अधिकतर लोग कम महत्वपूर्ण कार्यों को करने में अपना समय गंवाते हैं और महत्वपूर्ण कार्यों को, जो उनके जीवन में लम्बे समय तक लाभ देंगे और मूल्य वृद्धि करेंगे, टालते रहते हैं |

        इसीलिए अपने सबसे महत्वपूर्ण कार्य को पहचानने की क्षमता फिर उस पर कार्य कर उसे पूर्ण करने की इच्छा शक्ति ही एकमात्र ऐसा गुण है जो आपके आगे बढ़ने में और सफल होने में सबसे अधिक योगदान देता है |

Eat That Frog! में मेढक क्या है?

        “Eat That Frog!” में “मेढक” आपका वह सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण कार्य है जिसे करने में आप द्वारा सबसे अधिक टालामटोली करने की सम्भावना है | पर जिसे करने से आपके जीवन में सबसे अधिक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा |

Eat That Frog! में मेढक से सम्बंधित नियम:

नियम 1: यदि आपको दो मेढक खाने हैं, तो पहले सबसे कुरूप मेढक  को खाओ।

यदि दो महत्वपूर्ण कार्य करने हो तो पहले सबसे बड़े, अधिक महत्वपूर्ण, और अधिक मुश्किल कार्य को चुनो | इसे एक चुनौती की तरह लो और मुश्किल कार्य को पहले पूरा करो | अपने सबसे महत्वपूर्ण कार्य को, जो संभवतः सबसे बड़ा और अधिक कठिन होगा, सबसे पहले करने की आदत डालो | 

नियम 2: यदि आपको एक जीवित मेढक खाना है, तो बहुत लंबे समय तक बैठकर उसे देखते रहने से कुछ हासिल नहीं होता है।

कार्य को प्रारंभ नहीं करना या प्रारंभ करने में देर करना  विफलता का सबसे बड़ा कारण है | 

हर पल अपने सबसे महत्वपूर्ण कार्य को चुनना और उस कार्य को तुरंत शुरू करना आपकी सफलता पर सर्वाधिक प्रभाव डालता है ।

"एक औसत व्यक्ति जो स्पष्ट प्राथमिकताएं निर्धारित कर अपने महत्वपूर्ण कार्यों को जल्दी से पूरा करने की आदत विकसित करता है, वह एक प्रतिभाशाली व्यक्ति जो बहुत बोलता है और सुन्दर योजना बनाता है लेकिन बहुत कम करता है, से जीवन में कहीं अधिक सफलता प्राप्त करता है ।" 

why we procrastinate


Eat That Frog! पुस्तक में ब्रायन ट्रेसी द्वारा बताये गए जीवन में सफल होने के वह 21 तरीके:

1. यह जानें कि आप क्या करना चाहते है और क्या करना आपके लिए सबसे उपयोगी होगा (Set the table):

        उद्देश्य की अनिश्चितता विलम्ब का प्रमुख कारण होती है | अनिश्चितता की स्थिति में आप अकसर कार्य को टाल देते हैं | इन सात कदमों से आप अपनी क्षमता, सार्थकता और उत्पादकता को कई गुना बढ़ा सकते है :


        i. यह जाने और समझे कि आपको क्या करना है:

                अधिकतर लोग कम मूल्यवान कार्यों पर समय नष्ट करते रहते हैं क्यों कि उन्हें स्पष्ट ही नहीं होता कि उन्हें जीवन में क्या चाहिए, उसके लिए उन्हें क्या-क्या करना है और किस क्रम में करना है |   

        ii. कागज़ पर सोचें:
                    अपने लक्ष्यों / उद्देश्यों को कागज़ पर लिखे | केवल ३ प्रतिशत लोग ही अपने लक्ष्यों को लिखते हैं और वे अन्य व्यक्तियों से पांच से दस गुना अधिक सफल होते हैं | लिखने से आप भ्रम व गलतियों को दूर करते हैं, अपने विचारों को शक्ति देते हैं  और एक आपके सामने एक स्पष्ट राह उभर कर आती है |  

        iii. अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की समय सीमा निर्धारित करें:
                    लक्ष्य बिना समय सीमा के बेमानी है | वह हमेशा टलता रहता है | अनावश्यक कार्य उसका स्थान लेते रहते हैं | लक्ष्य प्राप्ति के लिए कार्य प्रारंभ और समाप्त करने की एक स्पष्ट तिथि लिखें |

        iv. उन सभी कार्यों को सोचें और लिखें जिन्हें करके आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त करेंगे:
                    यह सूची किये जाने वाले कार्यों का स्पष्ट चित्रण करती है और आपके विचारों और प्रयासों को दिशा देती है |

        v. उपरोक्त सूची को सुव्यवस्थित कर एक योजना का आकार दें:
                    अपनी सूची को प्राथमिकता के आधार पर सुनियोजित करें किस कार्य को पहले करना है और किसे बाद में का स्पष्ट रेखांकन करें |

        vi. अपनी योजना पर तुरंत कार्य प्रारंभ करें:
                    एक औसत योजना जिसका अच्छी तरह से कार्यान्वयन किया जाता है उस बहुत अच्छी योजना जिसपर कोई कार्य नहीं किया जाता से कहीं बेहतर है | 

       vii. प्रतिदिन कुछ न कुछ ऐसा ज़रूर करें जो आपको अपने सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य की पूर्णता के समीप ले जाए 
                       प्रतिदिन कुछ सीखें, पढ़ें या करें जो आपको लक्ष्य प्राप्त करने में सहायक हो | इसको अपनी दिनचर्या बनायें | इसे अपनी चुनौती, अपना संकल्प बनायें |

2.     अपने प्रत्येक दिन के लिए पहले से एक कार्य योजना बनायें ; 10 / 90 नियम का प्रयोग करें (Plan every day in advance): 

           किसी भी कार्य की शुरुआत से पहले उसके लिए कार्य योजना बनाना आवश्यक है | ठीक उसी प्रकार दिन की शुरुआत से पूर्व उस दिन की कार्य योजना बनाना आवश्यक है | कार्य योजना बनाने में सिर्फ 10 मिनट का समय लगता है पर वह दिन के लगभग 2 घंटे तक बचाने में सहायक होता है क्यों कि यह गैर ज़रूरी क्रियाकलापों में समय नष्ट करने से बचाता है और बिखरे हुए प्रयासों से भी दूर रखता है | 

            हमेशा लिखी सूची के अनुसार कार्य करें | नए कार्य के आने पर उसे सूची में जोड़ें और उसकी प्राथमिकता तय करें | आपकी कार्य क्षमता में 25 प्रतिशत या उससे अधिक का सुधार हो जाएगा | 

           10 / 90 का नियम कहता है कि आप यदि 10 प्रतिशत समय कार्य की योजना बनाने और कार्य प्रबंधन में लगाते हैं तो आप कार्य समाप्ति के लिए आवश्यक समय की 90 प्रतिशत तक कटौती कर सकते हैं |

3.  80 / 20 नियम को सभी कार्यों पर लगायें (Apply the 80/20 rule to everything):

                आपके कार्यों, उत्पादों, सेवाओं का 20 प्रतिशत आपके लाभ या सफलता में 80 प्रतिशत योगदान देता है। यानी आपके 20 प्रतिशत कार्य आपके जीवन के 80 प्रतिशत परिणामों की कुंजी हैं | 

             यह दुखद सत्य है कि साधारण आदमी इन्हीं 10 से 20 प्रतिशत कार्यों को सबसे अधिक टालता है और कम महत्वपूर्ण 80 प्रतिशत कार्यों में उलझा रहता है | 

             अपनी सूची में से उन 20 प्रतिशत कार्यों को पहचाने और सबसे पहले उन्हीं पर कार्य करें | कम मूल्य वाले 80 प्रतिशत कार्यों पर समय का निवेश करने से बचें | महत्वपूर्ण और महत्वहीन कार्यों में समान समय लगता है।

4.     कार्यों के परिणामों के आधार पर उनका मूल्यांकन करें (Consider the consequences):

            किसी भी कार्य के दीर्घ कालिक परिणाम ही उसकी प्राथमिकता का सही आधार है | लम्बी दूरी की सोच ही वर्तमान के निर्णयों में सहायक होती है | इसलिए दूरगामी परिणामों को ध्यान में रखकर ही आज के निर्णय लें, अपने लक्ष्यों को चुने, और उनकी प्राथमिकता निश्चित करें | 

            कोई भी कार्य उतना ही महत्वपूर्ण होता है, जितना वह लम्बे समय तक लाभ देने में सहायक है | अपने लम्बे समय तक लाभ देने वाले कार्यों को पहचानें | 

            जबरन दक्षता का नियम: सभी कार्यों को करने के लिए कभी भी पर्याप्त समय नहीं होता है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण काम करने के लिए हमेशा पर्याप्त समय होता है। इसलिए स्वयं को सबसे महत्वपूर्ण कार्यों को सबसे पहले करने के लिए बाध्य करें |

हमेशा अपने आप से हमेशा यह तीन प्रश्न पूछें:

1. मेरी उच्चतम मूल्य वाली गतिविधियां क्या हैं?

2. मैं और केवल मैं क्या कर सकता हूं कि जो अगर अच्छी तरह से किया जाए तो वास्तविक जीवन में फर्क पड़ेगा?

3. अभी मेरे समय का सबसे मूल्यवान उपयोग क्या है?


5.     रचनात्मक विलंब का अभ्यास करें (Practice proactive procrastination):


                 कम मूल्य वाली गतिविधियों में विलंब करना अच्छा है | ऐसी किसी भी चीज़ को ‘ना’ कहें जो आपके समय का उच्च मूल्य उपयोग नहीं करती हो |

6.     ए बी सी डी इ (A B C D E) विधि का प्रयोग करें (Use the A B        C D E) Method continually):

            ए बी सी डी इ विधि एक प्रभावशाली प्राथमिकता निश्चित करने की तकनीक है | अपने कार्यों को उपरोक्त तकनीक के आधार पर प्राथमिकता क्षेत्रों में वर्गीकृत करें | यह कार्य कागज़ पर लिख कर करें |

= गतिविधि को अवश्य करना चाहिए

बी = गतिविधि को करना चाहिए

सी = गतिविधि को किया जा सकता है

डी = गतिविधि को दूसरे को सौंपें

= गतिविधि को न करने से कोई फर्क नहीं पड़ता है


            ए कार्यों को ए-1, ए-2, … में उप-विभाजित करें ताकि आप ए कार्यों को पुनः प्राथमिकता के आधार पर बाँट सकें।

            अपने ‘ए’ कार्यों पर कार्य अविलम्ब प्रारंभ करें और तब तक करते रहें जब तक ‘ए’ खाने के सभी कार्य पूर्ण न हो जाए | जब तक सभी ‘ए’ कार्य पूरे न हो जाए कोई और कार्य में हाथ न डालें |

7. अपने मुख्य परिणाम क्षेत्रों पर ध्यान दें (Focus on key result areas):

            मुख्य परिणाम क्षेत्र वह कार्य हैं जिसके लिए आप पूरी तरह जिम्मेदार हैं। सफलता के लिए मुख्य परिणाम क्षेत्र पर स्पष्टता जरूरी | आप अपने कार्य को 5 से 7 मुख्य परिणाम क्षेत्रों में बांट सकते हैं | आप को कार्य पर रखा ही इसी लिए गया है कि आप इन मुख्य क्षेत्रों पर अच्छे परिणाम दें | आपका आकलन सभी मुख्य परिणाम क्षेत्रों में आपके प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है | किसी एक मुख्य परिणाम क्षेत्र में कमी आपके सभी क्षेत्रों में प्रदर्शन को प्रभावित करती है | 

            नियम - आपका सबसे कमजोर मुख्य परिणाम क्षेत्र वह ऊंचाई तय करता है जिस उंचाई तक आप अपने सभी कौशल और क्षमताओं का उपयोग कर अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित कर सकते हैं | 

            इसलिए विचार करें / स्वयं से प्रश्न करें कि मैं कौन सा नया कौशल विकसित कर सकता हूँ और वह क्या एक कौशल है, जिसे अगर मैंने उत्कृष्ट रूप में विकसित किया, तो मेरे करियर पर सबसे बड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा?

8.     प्रमुख तीन का नियम लागू करें (The Law of Three):

आपके तीन प्रमुख कार्य जीवन में सबसे अधिक मूल्य पैदा करते हैं | उन तीन कार्यों को पहचानने के लिए निम्न प्रक्रिया करें:

चरण 1: अपने सभी कार्यों की सूची बनाएं

चरण 2: सबसे महत्वपूर्ण कार्य चुनें जैसे कि आपको उस दिन केवल एक ही काम करने की अनुमति है |

चरण 3: दूसरे और तीसरे सबसे महत्वपूर्ण कार्यों को चुनने के लिए शेष सूची पर चरण 2 को दो बार और दोहराएं।

इसी तरह अपने जीवन के हर क्षेत्र की एक सूची बनाएं:

1. व्यवसाय / करियर लक्ष्य 
2. परिवार और संबंध लक्ष्य 
3. वित्तीय लक्ष्य 
4. स्वास्थ्य लक्ष्य 
5. व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास लक्ष्य 
6. सामाजिक और सामुदायिक लक्ष्य 
7. आपकी वर्तमान सबसे बड़ी समस्याएँ और चिंताएँ

उन सभी पर प्रमुख 3 का नियम लागू करें |

नियम: कार्यक्षेत्र में गुणात्मक समय देने से और घर पर अधिक समय देने से सुखद परिणाम मिलते हैं |

9. शुरू करने से पहले अच्छी तरह से तैयारी करें (Prepare thoroughly before you begin): 

            अपने डेस्क को साफ करें। एक आरामदायक कार्यक्षेत्र बनाएं | उन सभी चरणों की सूची बनाएं जिन्हें आपको किसी कार्य को पूरा करने के लिए उठाने की आवश्यकता होगी | कार्य शुरू करने से पहले उन सभी चीज़ों को एकत्रित करें जिनकी कार्य पूर्ण करने में आवश्यकता होगी | 

            पहला कदम तुरंत उठाएं | कार्य 100 प्रतिशत सही हो इसके लिए रुकें नहीं | कार्य 80 प्रतिशत तक सही हो तो भी चलेगा | शेष 20 प्रतिशत को प्राप्त करने के लिए सुधार करें |

10.     एक-एक कर कदम आगे बढायें (Take it one oil barrel at a time):

        शुरुआत करने में बिलकुल देरी न करें | कदम, कदम आगे बढते रहें | उन सभी चरणों की सूची बनाएं जिन्हें आपको किसी कार्य को पूरा करने के लिए उठाने की आवश्यकता होगी | एक-एक चरण को पूरा करें |

"हजारों मील की यात्रा एक कदम से शुरू होती है।"
                                              - लाओ त्सू

11. अपने कौशल को विकसित करें (Upgrade your key skills):

            कार्य को टालने का एक प्रमुख कारण है कार्यकुशलता का अभाव | जब आप में कार्य को सही तरह से करने का विश्वास नहीं होता है | जब आप कार्य पूर्ण करने के लिए आवश्यक कुशलता नहीं रखते | तब आप कार्य प्रारम्भ करने में संकोच करते हैं और उसे टालना पसंद करते हैं | 
            
            इसीलिए यह आवश्यक है कि आप खुद को बेहतर बनाने का प्रयास निरंतर करते रहे | जिस समय आप स्वयं को बेहतर बनाना छोड़ देते हैं, आप में धीरे-धीरे गिरावट स्वतः आने लगती है | 

            नियम: किसी भी क्षेत्र में निरंतर सीखना सफलता के लिए न्यूनतम आवश्यकता है | 

            जानकारी को जुटाना या एक अतिरिक्त कौशल का विकास करना आपके जीवन में बहुत बड़ा अंतर ला सकता है। 

            कुशलता प्राप्त करने के तीन नियम: 1. प्रतिदिन कम से कम एक घंटा अपने क्षेत्र में पढ़ें, यह सुबह-सुबह करें तो बहुत अच्छा होगा | 2. प्रमुख कौशल पर उपलब्ध हर पाठ्यक्रम और संगोष्ठी में भाग लें जो आपकी मदद कर सकता है | 3. ऑडियो प्रोग्राम सुनें |

12. अपनी विशेष प्रतिभा का लाभ उठाएं (Leverage your special talents):

            हर व्यक्ति में कुछ विशेष प्रतिभा / प्रतिभाएं होती हैं जो उसे औरों से अलग करती हैं | तो जानिये कि आप क्या कर सकते हैं, या करना सीख सकते हैं, जो आपको अपने और दूसरों के लिए असाधारण रूप से मूल्यवान बना सकता है |

13. अपनी प्रमुख बाधाओं को पहचानें (Identify your key constraints):

            वह क्या है जो आपको लक्ष्य प्राप्त करने से रोक रहा है ? क्या है जो प्रगति की रफ्तार को बढ़ने नहीं दे रहा है ? सफलता को सीमित करने वाले कारक क्या हैं ? 

            इन बाधाओं को जाने, जाने कि यह बाधायें आन्तरिक कारणों से है या बाहरी कारणों से | 

             स्वयं का आकलन करें | अपने आप से पूछें - मैं अभी तक उस तक क्यों नहीं पहुँचा हूँ? मुझमें ऐसा क्या है जो मुझे रोक रहा है? 

            उन सभी बाधाओं की सूची बनायें और उनपर पर 80/20 का नियम लागू करें |

14. अपने आप पर दबाव डालें (Put the pressure on yourself):

            दुनिया ऐसे लोगों से भरी पड़ी है जो किसी के आने का इंतजार कर रहे हैं जो उन्हें उस तरह का बनने के लिए प्रेरित करे जैसा कि वे बनना चाहते हैं। समस्या यह है कि कोई उन्हें बचाने कोई नहीं आ रहा है | जो भी करना है उन्हें खुद करना है | 

            केवल 2 प्रतिशत लोग ही बिना किसी निगरानी, देखरेख या टोकाटाकी के अपना पूरा कार्य सफलता से कर पाते हैं | वे लीडर होते हैं | 

            किसी बड़े काम या प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले उसके हर चरण को लिखें। निर्धारित करें कि प्रत्येक चरण को पूरा करने के लिए आपको कितने मिनट और घंटे की आवश्यकता होगी। फिर अपनी घड़ी के खिलाफ दौड़ें। इसे एक चुनौती बनाएं और इस खेल में जीतने का संकल्प लें।

15. अपनी व्यक्तिगत शक्तियों को अधिकतम करें (Maximize your personal power): 

            कार्य शिथिलता और कार्य टालने का एक प्रमुख कारण थकान है या किसी कार्य को शुरू करने का प्रयास जब आप थके हुए हों | काम शुरू करते समय आप जितना अच्छा महसूस करेंगे, उतना ही काम करने में आप कम विलंब करेंगे। 

            आप जितने अधिक थके होंगे, काम की गुणवत्ता उतनी ही खराब होगी | अतः अपने ऊर्जा स्तर को बढ़ाएं:

 1. दिन में अपना सबसे अधिक उत्पादक समय खोजें (इसे अपने सबसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आरक्षित करें)  

2. जब आप अधिक थका हुआ या अभिभूत महसूस करें तो रुकें । ताकत / ऊर्जा हासिल करने के लिए खुद को आराम दें |  
   
3. पर्याप्त और बेहतर नींद लेना ज़रूरी है |  

4. अपने स्वास्थ्य की रक्षा करें - सप्ताह में 200 मिनट व्यायाम करें |   

5. सप्ताह में एक दिन कार्यालय के कामों से छुट्टी लें | उसे मनोरंजन के लिए रखें |   

6. समय-समय पर छुट्टी लें और आराम करें, कुछ घूमें फिरें | 

16. खुद को कार्य करने के लिए प्रेरित करें (Motivate yourself into action):

        उत्कृष्ट कार्य करने के लिए यह आवश्यक है कि आप स्वयं के प्रशंसक बने | खुद को उत्साहित करें और आशावान बनें |

       प्रण करें की जीवन में नाकामयाबी या कठिनाई आपको कभी निराश नहीं कर सकेंगी बल्कि आप उनमें किसी मूल्यवान सबक को तलाश करेंगे | 

        किसी समस्या में आप शिकायत करने, दूसरों की गलतियाँ निकलने, या दूसरों को दोष देने के बजाये समस्या का समाधान खोजेंगे | कठिन समय में भी अपने लक्ष्यों को हमेशा ध्यान में रक्खेंगे और उनके बारे में लगातार बात करेंगे |

17. तकनीक के समय भंवर से बाहर निकलें (Get out of the technological time sinks): 

        टेक्नोलॉजी आपकी सबसे अच्छी दोस्त या सबसे बड़ी दुश्मन हो सकती है | अपने लैपटाप, मोबाइल और इन्टरनेट में उलझकर आप घंटों समय गवां सकते हैं | इसे एक लत न बनने दें | तकनीक का प्रयोग अपनी उत्पादकता बढ़ने के लिए ज़रूर करें पर इसके गुलाम न बनें |

18. कार्य को छोटे भागों में विभाजित करें (Slice and dice the task):

        बड़े, महत्वपूर्ण कार्यों में शिथिलता का एक प्रमुख कारण यह है कि जब आप पहली बार उन्हें देखते हैं तो वे बहुत बड़े और दुरूह दिखाई देते हैं। ऐसे में कार्य को छोटे टुकड़ों में बाटने की तकनीक बहुत कारगर होती है | कार्य के छोटे टुकड़ों को शुरू करना, संभालना और पूरा करना आसान होता है | एक-एक टुकड़ा पूरा होने से आपका मनोबल बढ़ता है | 
        
        कार्य के किसी छोटे टुकड़े पर हर रोज़ काम करें | संकल्प लें कि जो भी कार्य आप शुरू करेंगे उसे पूरा ज़रूर करेंगे | छोटे भागों को तब तक पूरा करते रहें जब तक आप पूरा कार्य समाप्त नहीं कर लेते।

19. समय का एक बड़ा हिस्सा महत्वपूर्ण कार्यों के लिए निकालें (Create large chunks of time):

         कार्य को कई बार रोकने और फिर शुरू करने से उसे पूरा करने की अवधि बहुत बढ़ जाती है और गुणवत्ता भी प्रभावित होती है | इसलिए अधिकांश महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने के लिए समय के बड़े और अबाधित हिस्से की आवश्यकता होती है | 

       सफल व्यक्ति महत्वपूर्ण कार्यों के लिए प्रत्येक दिन का एक विशिष्ट समय निर्धारित करते हैं | 

         आप भी महत्वपूर्ण कार्यों के लिए तीस से नब्बे-मिनट के समय खंडों को आवंटित करें । इस समय बिना रुके काम करें और किसी भी प्रकार के भटकाव या रुकावट से दूर रहें | सबसे अच्छी आदतों में से एक है सुबह जल्दी उठकर घर पर कई घंटों तक काम करना है।

20. जल्दी करने की भावना विकसित करें (Develop a sense of urgency):

        अत्यधिक उत्पादक लोग सोचने, योजना बनाने और प्राथमिकताएं निर्धारित करने में समय लेते हैं। फिर वे अपने लक्ष्य और उद्देश्यों की ओर तेजी से और दृढ़ता से बढ़ते हैं। वे जुटकर और लगातार कार्य करते हैं |

    "प्रवाह" को प्राप्त करना (Getting into "Flow")

            जब व्यक्ति जुटकर और लगातार कार्य करता है तो वह कार्य के एक प्रवाह में आ जाता है | प्रवाह वह मानसिक स्थिति है जिसमें मनुष्य की कार्य क्षमता और उत्पादकता चरम सीमा पर होती है | इसीलिए वह कम समय में ज्यादा और बेहतर काम कर पता हैं | प्रवाह प्रदर्शन और उत्पादकता की उच्चतम मानवीय स्थिति है जिसमें आप उत्साहित और स्पष्ट महसूस करते हैं। आप जो कुछ भी करते हैं वह सहज और सटीक होता है | 

          सफल लोग इस प्रवाह की अवस्था को जीवन में औसत लोगों से कहीं अधिक बार प्राप्त करते हैं |

        गति की अवस्था पैदा करें (Build up a sense of momentum)

         जब आप अपने सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों के लिए नियमित रूप से निरंतर कार्रवाई करते हैं, तो आप "सफलता की गति का सिद्धांत" को सक्रिय करते हैं। जैसे गति प्राप्ति के लिए प्रारंभ में जड़त्व को दूर करने में भारी मात्रा में ऊर्जा लग सकती है, किन्तु इसे जारी रखने में बहुत कम ऊर्जा लगती है। उसी तरह कार्य की शुरुआत में अधिक मेहनत लगती है किन्तु कार्य को बिना बाधा/भटकाव के लगातार करने से कार्य में सफलता को गति मिलती है |

        अभी करो! के सिद्धांत का पालन करो (Do it now)

          कार्य को आरंभ करने के सबसे सरल लेकिन सबसे शक्तिशाली  तरीकों में से एक है कि इन शब्दों को अपने आप को बार-बार दोहरायें "अभी करो!, अभी करो!" । 

            जब आप सुस्त या विचलित महसूस करें - "काम पर वापस! काम पर वापस!" शब्दों को बारंबार दोहराएं |

21. हर कार्य पर एक-एक कर कार्य करें (Single handle every task):

              अपने सबसे महत्वपूर्ण कार्य को चुनकर, उस पर एकाग्रचित्त होकर कम करना जब तक कि वह पूरा न हो जाये आपका सबसे बड़ा गुण है | एकाग्रचित्त होकर कम करके आप कार्य पूरा करने में लगने वाले समय को 50 प्रतिशत या उससे अधिक तक कम कर सकते हैं। 

            किसी कार्य को बार-बार रोकने और उसे फिर से शुरू के लिए समय और ऊर्जा खर्च होती है जो कि कार्य को पूरा करने के लिए आवश्यक समय को 500 प्रतिशत तक बढ़ा सकती है। हर बार जब आप कार्य पर लौटते हैं, तो आपको याद करना होगा कि आप कहाँ रुके थे, तब आप कहां थे और आपको अभी क्या करना है। आपको कार्य फिर से शुरू करने की जड़ता का सामना करना होता है । 
        
            एक उच्च प्राथमिकता वाले कार्य को शुरू करना और उसे 100 प्रतिशत पूरा होने तक जारी रखना आपके चरित्र की सच्ची परीक्षा है।

what you should avoid doing


Comments

  1. Remarkable insights of the book, Eat that Frog. Each excerpt of the philosophies that the book incorporates are beautifully decribed. The blog in itself is a complete coverage of the book.

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  2. Interesting 👍

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